हाल ही में ऑफिशियल डेलिगेशन पाकिस्तान का सोमवार के दिन दिल्ली आया था इंडस वॉटर ट्रीटी को लेकर के और मार्च के महीने में भारत की तरफ से कुछ व्यक्ति इस्लामाबाद गए थे प्रीवियस मीटिंग को अटेंड करने के लिए

इस सीडी में यह प्रावधान किया गया है कि दोनों देशों के डेलिगेशन टाइम टाइम पर मिलते रहेंगे ताकि इस ट्रीटी को रिव्यू किया जा सके
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हमारे देश की रूलिंग पार्टी बीजेपी ने पाकिस्तान को क्रिटिसाइज करना कम कर दिया है इसका केवल एक ही रीजन है कि अभी चीन के साथ में अभी हमारा सीमा विवाद खत्म नहीं हुआ है यदि इसी टाइम पर हमारे पाकिस्तान के साथ में रिश्ते और भी खराब हो जाते हैं तो दोनों तरफ से लड़ना भारत के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा

जब हमारे चीन के साथ में संबंध खराब हुए सीमा विवाद चल रहा था तो उस समय में भारत पाकिस्तान के साथ में बैठ चैनल से बातचीत करने की कोशिश कर रहा था बेड चैनल बातचीत का मतलब है अनऑफिशियल बातचीत। इसको मीडिएट करवाया गया था संयुक्त अरब अमीरात के द्वारा इसका रिजल्ट भी सामने आया था जब दोनों देशों ने 2021 में सीजफायर एग्रीमेंट को लेकर के बातचीत आगे बढ़ाएं।

लेकिन इस बातचीत में यह बात हुआ कि पाकिस्तान ने 2 शर्ते हमारे सामने रख दी
1 जम्मू और कश्मीर में आप स्टेटहुड को रिस्टोर करोगे मतलब इसे राज्य का दर्जा फिर से देना पड़ेगा
2 दूसरी शर्त यह थी कि आप जम्मू कश्मीर की डेमोग्राफी में किसी प्रकार का चेंज नहीं करोगे जैसे कि यदि वहां मुस्लिम मेजॉरिटी के लोग हैं तो वहां आप हिंदू मेजॉरिटी के लोगों को बसा ना चालू कर दो ।

अगस्त के महीने में एलएसी पर कुछ हायर पिक्स पर इंडिया की सेना ने कैलाश रेंज पर कब्जा कर लिया था । जब इंडिया ने यहां पर कब्जा कर लिया तब जाकर चाइना ने हमारी बात को सीरियसली लेना चालू किया और दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटना चालू हुई । उस समय कंडीशन काफी खराब हो गई थी लग रहा था कि चाइना और इंडिया का वॉर कभी भी हो सकता है ठीक इसी समय पर यदि पाकिस्तान भी यदि हमारे खिलाफ लड़ाई को तैयार हो जाता तो भारत को फिर दोनों फ्रंट पर लड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है ।

अब पाकिस्तान में सत्ता चेंज हो गई है तो क्या यह सही टाइम है कि हम बातचीत पाकिस्तान से चालू कर दें क्योंकि अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ बन गए हैं नवाज शरीफ के भाई लेखक का कहना है कि यह टाइम सही नहीं है । इसका कारण यह है कि अभी पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सड़कों पर है विरोध कर रहे हैं उनके पास एक नया मुद्दा उठ जाएगा इंडिया को लेकर के दूसरी बात यह है आने वाले टाइम में चुनाव और होने वाले इसके अलावा आर्मी चीफ जो बाजवा है वह भी रिटायर होने वाले हैं तो आने वाले समय में काफी कुछ बदलाव होने वाला है ।
भारत में भी कुछ परिवर्तन हो जाएंगे जम्मू एंड कश्मीर में डीलिमिटेशन का काम पूरा हो जाएगा हो सकता है कि वहां पर बीजेपी की सरकार हो जाए तो आने वाला समय ही उपयुक्त रहेगा बातचीत के लिए । 

कुछ कुछ मुद्दे हैं जिन को निपटाना बहुत आसान है यह लो हैंगिंग फ्रूट हैं जिनको आप आसानी से तोड़ सकते हो जिसमें शामिल हैं 
💐सरक्रीक डिस्प्यूट 
💐बाय लेटरल ट्रेड को रिवाइवल करने वाला एग्रीमेंट
💐दोनों हाई कमिश्नर एक दूसरे के देश में रहकर के काम कर सकते हैं 
💐डिप्लोमेटिक मिशन को बिल्ड अप करना पूरी ताकत के साथ में ।
💐सियाचिन ग्लेशियर में डिमिलिटराइजेशन करना

सियाचिन ग्लेशियर की लोकेशन बहुत महत्वपूर्ण है यहां पर यदि इंडिया का कब्जा होता है तो वह दोनों जगह पर नजर रख सकता है पाकिस्तान पर भी और चीन पर भी

लेकिन पाकिस्तान इस बात को मानने को तैयार नहीं होगा क्योंकि इंडिया ने एक पक्ष रखा था कि दोनों देशों की सेनाएं कहां-कहां पर है वह चीज पूरी दुनिया को पता लगना चाहिए वह चीज डीमार्केटिड होना चाहिए । 

अभी हाल ही में पाकिस्तान की जो डोमेस्टिक पॉलिटिक्स है उसके चलते चलते बातचीत होना संभव नहीं है यह ठीक वैसे ही है जैसे कि मनमोहन सिंह और शरीफ के बीच में उस टाइम में बातचीत पूरी नहीं हो पाई थी वकीलों की हड़ताल के चलते ।


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