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Showing posts from May, 2022

स्टेटक्राफ्ट से भारत की आंतरिक समस्याओं को कैसे हल किया जा सकता है

यूरोप में एक और चल रहा है जिसमें रसिया और यूक्रेन इन वॉल यूक्रेन की मदद कर रहे हैं वेस्टर्न पावर इसके अलावा नैटो यही न्यूज़ राजद साउथ एशिया डोमिनेटेड न्यूज़पेपर की हेडलाइंस रही है यह सारे मुद्दे से इंडिया की इंटरनल सिक्योरिटी प्रॉब्लम है वह पीछे हो गई जैसे कि म्यानमार में जो मिलिट्री ने को किया है उस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है थाईलैंड में जो सरकार है वह पूरी तरह से रिप्रेजेंटेटिव है इसके ऊपर भी कोई न्यूज़ नहीं बना रहा है वही इंडिया की बात करें इंटरनली बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है किसी देश की सिक्योरिटी एजेंसी केवल उसी देश की सिक्योरिटी करती है यह सब हमें इंटरनल रूप से सिक्योरिटी प्रोवाइड करती ह लेकिन एक सीमा के बाद यह सिक्योरिटी भी काम नहीं आती है काम आती है केवल बातचीत सारी प्रॉब्लम को सिक्योरिटी के माध्यम से सॉल्व नहीं किया जा सकता है इसके लिए हमें स्टेटक्राफ्ट पर ध्यान देना जरूरी है मतलब हमें उस एरिया की पॉलीटिकल कंडीशन वहां की परेशानियों को समझना है वहां के लोगों के साथ जोड़ना है और चीजों को शॉट आउट करने की कोशिश करना पहला मुद्दा देख लेते हैं कश्मीर का...
पिछले 8 सालों की बात करें तो नॉर्थ ईस्ट इंडिया में भारत सरकार ने बहुत सारे डेवलपमेंट कार्य किए जितनी भी संस्कृति या है कल्चर हैं उनमें 8 नंबर का बहुत बड़ा महत्व होता है यह एक संकेत होता है विक्ट्री का प्रोस्पेरिटी का ओवरकमिंग का नॉर्थ ईस्ट साउथ ईस्ट एशिया के साथ में कनेक्टिविटी प्रदान करता है यहां पर इकोनामिक रूप से पोटेंशियल बहुत है रिसोर्सेज की भी यहां पर कभी नहीं है इन्हीं को ध्यान में रखते हुए नॉर्थ ईस्ट के जो 8 स्टेट हैं जिनको सेवन सिस्टर्स बोलते हैं । पहले डेवलपमेंट बसपा कानून को लेकर के हैं अफस्पा कानून को हटा दिया गया है और यह काम किया गया है लगभग 10 साल होने पर दूसरी बड़ी बात है बजट का लोकेशन पहले 36108 करोड़ था 2014 में इसको बड़ा करके 76040 करोड़ कर दिया गया है 2022 में लगभग 110 परसेंट की वृद्धि इसमें की गई है और 2014 से देखा जाए तो लगभग 300000 करोड रुपए इस रीजन में खर्च किए जा चुके हैं इसके अलावा रेलवे का एक्सपेंशन किया गया है पहले जहां पर गुवाहाटी तक रेल कनेक्शन था आज देखा जाए तो अरुणाचल प्रदेश का ईटानगर त्रिपुरा का अगरतला और मणिपुर आपस में जुड़ चुके हैं इसके अलावा बाकी जो ...
भारत-पाकिस्तान रिलेशन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने क्या गैंबल खेला है इस बीच एडिटोरियल में बताया गया है इंडिया और पाकिस्तान को अलग हुए 75 साल हो चुके हैं इस दौरान भारत और पाकिस्तान के रिलेशन में कई सारे चेंजर्स देखने को मिले हैं पाकिस्तान को एक मेजर स्टेट के रूप में देखा जाता है क्योंकि यह विश्व का पांचवी नंबर का सबसे बड़ा लार्जेस्ट पापुलेशन वाला कंट्री है जियो पोलिटिकल लोकेशन के हिसाब से महत्वपूर्ण है और यह लीडिंग रोल रखता है इस्लामिक वर्ल्ड में इसके अलावा पावरफुल आर्मी है विद न्यूक्लियर पावर वही हम पाकिस्तान की समस्याओं को देखें तो पाकिस्तान में अभी मैक्रो इकोनामिक क्राइसिस देखने को मिल रहा है इसीलिए पाकिस्तान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की तरफ रुख कर रहा है पुराना रिकॉर्ड देखा जाए तो अभी तक इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में पाकिस्तान 22 बार जा चुका है सपोर्ट के लिए लेकिन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रिल इसमें पाकिस्तान अभी भी है और वहां से बाहर नहीं निकला है इसीलिए आईएमएफ से उसको कोई खास सहायता नहीं मिल पाती ऐसे में आएगा कोई रिस्क नहीं लेना चाहता फिर भी पाकिस्तान वहां जाता है मदद के लिए...

क्वैड कितना सफल रहा है अपने लक्ष्य के लिए ?

क्वैड कितना सफल रहा है अपने लक्ष्य के लिए ?  हाल ही में क्वाड देशों की सेकंड इन पर्सन लीडर्स समिट का आयोजन टोक्यो में 24 मई को हुआ यहां से एक बात क्लियर हो गई है कि यह जो ग्रुप है वह इंडो पेसिफिक रीजन की सिक्योरिटी और प्रोस्पेरिटी के लिए काम करते रहेगा । यहां पर इंडिया और अमेरिका संबंध में भी बातचीत हुई भारत और अमेरिका के संबंधों में रसिया यूक्रेन वाला बुद्धा बहुत अहमियत रखता है शुरुआत में इंडिया ने रसिया को क्रिटिसाइज नहीं किया उनको इंडिया ने ऊपर ल सपोर्ट नहीं किया वहां से अपडेट कर दिया इससे इंडिया और यूएस के जिससे थोड़े बिगड़ते नजर आए सब को लगा कि क्या होने वाला है यूक्रेन के मुद्दे को लेकर के यूएस और अमेरिका दोनों का एक परसेंट रहेगा या फिर ऐसा हो सकता है कि इंडिया यदि सहमत नहीं हो सकता अमेरिका के साथ में अमेरिका शायद हमारे ऊपर सैंक्शन लगा दे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ बल्कि अमेरिका हमारी इस सोच का सपोर्ट कर रहा है और इंडिया के साथ में हर लेवल पर वह इंगेज करने के लिए तैयार है रिसेंटली यह बोलते हुए नजर आए हैं इंडिया और यूएस वन ऑफ द मोस्ट लार्जेस्ट पार्टनर है . स्क्वाड जॉइंट लीडर्स ...

चीन और भारत के बदलते रिश्ते ?

चीन और भारत के बदलते रिश्ते ? श्याम शरण  लेखक  1971 में यह हांगकांग में फोरेन सर्विस में थे और ये चीनी भाषा सीख रहे  थे ।  इसके बाद इनकी पोस्टिंग चाइना में भी रही थी 6 साल के लिए यह एक ऐसी जगह में थे जिसका फिलोसॉफिकल और कल्चरल हेरिटेज बहुत रिच था उस टाइम में चाइना दुनिया को किस नजर से देखता था यह सारी बातें लेखक अपनी आंखों से देख रहे हैं आज के समय में चाइना विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है अमेरिका के बाद में और यह लीडर बन गया है न्यू एज टेक्नोलॉजी जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्वांटम कंप्यूटिंग स्पेस एक्सप्लोरेशन के मामले में 1978 में देखा जाए तो दोनों देश एक भी इकोनामिक लेवल पर थे दोनों की सेम जीडीपी थी और सेम पर कैपिटा इनकम थी । इसके बाद साइना ने अपने आप को बहुत तेजी के साथ में एक्सपेंड करना चालू कर दिया और हम उतनी तेजी से एक्सपेंड नहीं कर पाए । 1988 में राजीव गांधी बीजिंग जाते हैं और वहां के लीडर डंग जाओ पिंग से मिलते हैं । इस समय में भी इंडिया और चाइना में ज्यादा वक्त नहीं था थोड़ा चाइना इंडिया से आगे बढ़ चुका था लेकिन बहुत ज्यादा अंतर नहीं था उस समय चा...

रसिया ने अपने आप को एक किया है फिर भी नाटो उसकी एकता के लिये खतरा है ।

प्रथम वर्ल्ड वार के दौरान ब्रिटेन-फ़्रांस-रूस के समूह ने जर्मनी के एकीकरण को जन्म दिया ठीक उसी प्रकार रसिया ने भी अपने आप को एक किया फिर भी नाटो उसकी एकता के लिये खतरा है । Herr von tschirschy जो कि एक डिप्लोमेट और पॉलिटिशियन से इंपीरियल जर्मनी में उन्होंने कहा था नए साल के दिन 1996 हमवर्ग में जर्मनी की पॉलिसी ऐसी है यदि कोई भी एलाइंस ऐसा है जो कि डैमेज कर रहा है जर्मनी के इंटरेस्ट और प्रेस्टीज को तो जर्मनी इसका बदला लेगा उनका कहना था खासकर के ब्रिटेन और फ्रांस को उस टाइम फ्रैंको ब्रिटिश अलायन्स बन रहा था । इसी खिलाफ में यह बातें बोले गई जर्मनी कोई एक ग्रुप ऐसा लगता था कि वह हमारे देश के खिलाफ है वहीं ब्रिटेन और फ्रांस को जर्मनी की बढ़ती ताकत अपने लिए खतरा लगती है इसके बाद यूरोप की सिक्योरिटी स्वतंत्र बदलती है 1945 के बीच में रशिया और जापान का वार होता है । इसमें रसिया हार गया रसिया का इंट्रेंस कम होता गया और जर्मनी धीरे-धीरे करके बढ़ने लगा था इसके बाद फ्रांस का रसिया के साथ में एग्रीमेंट होता है और एक एग्रीमेंट होता है फ्रांस का इंग्लैंड के साथ 3 पावर यहां पर बन कर आई थी फ्रांस इंग्लैं...

डिस्कॉम कम्पनी और उनकी समस्याओं का हल

  डिस्कॉम कंपनियों को केवल फाइनेंशयल सपोर्ट देकर के उनमें सुधार नहीं कर सकते । पिछले सप्ताह यूनियन पावर मिनिस्ट्री ने प्रपोज किया था एक न्यू स्कीम ताकि हेल्प किया जा सके केस स्ट्रैप पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी डिस्कॉम को ।  2020 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अनाउंस किया था 90 हजार करोड़ लिक्विडिटी इन्फ्यूजन स्कीम ।  इससे 1.2 लाख करोड़ की सब्सिडी वृद्धि हुई थी ताकि डिस्कॉम कंपनी सेटलमेंट कर सके उनके कर्जा को इस प्रकार की स्कीम सरकार पहले भी घोषित कर चुकी है मगर इससे कोई खास सुधार नहीं होने वाला है । लेकिन कंपनियों की असली प्रॉब्लम   है उनके स्ट्रक्चरल मुद्दा को लेकर के। बेसिक  इशू को आप केवल सपोर्ट दे कर के नहीं सॉल्व कर सकते जब तक कि आप उनमें इंटरनल सुधारना लेकर आएं । कर्ज   अभी फिलहाल देखा जाए तो डिस्कॉम कंपनियों के ऊपर करेंटली ऐस्टीमेटेड ड्यू है एक लाख करोड़ रुपए है ।  स्टेट राजस्थान ,उत्तर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,आंध्र प्रदेश तेलंगाना और तमिलनाडु इनका काफी बड़ा हिस्सा है इसमें । इस नई स्कीम के अंतर्गत में  मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया ह...

प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी को कितना नुकसान हुआ ?

प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी को कितना नुकसान हुआ ?  प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी हार गया था । मित्र राष्ट्रों के साथ वर्साय संधि हुई जिसको शांति संधि कहते हैं । यह संधि जर्मनी की जनता के लिए बहुत कठोर और अपमानजनक थी । इस संधि की वजह से जर्मनी को अपने सारे  🍅उपनिवेश ,  🍅तकरीबन 10% आबादी  🍅13% भूभाग  🍅75% लोहा भंडार  🍅26% कोयला भंडार फ्रांस पोलैंड डेनमार्क को देना पड़ा । जर्मनी की ताकत खत्म करने के लिए मित्र देशों ने उसकी सेना को भी भंग कर दिया । युद्ध अपराध बोध अनुच्छेद वार गिल्ट क्लास के अंतर्गत युद्ध के कारण हुई तबाही के लिए जर्मनी को जिम्मेदार ठहराया गया ।  इसके बदले में उसका जुर्माना  6 अरब पौंड लगाया गया । संसाधनों वाले राइनलैंड पर भी 20 के दशक में ज्यादातर मित्र राष्ट्रों का  ही कब्जा रहा ।

सर्वहाराकरण क्या है ?

सर्वहाराकरण  गरीब होते होते मजदूर वर्ग की आर्थिक स्थिति में पहुंच जाना  ही सर्वहारा करण कहलाता है । जैसे कि  जर्मनी में जब आर्थिक संकट आया था तो वहां की मुद्रा का अवमूल्यन होते जा रहा था ।  मध्य वर्ग खासतौर से वेतन भोगी कर्मचारी , पेंशनधारी लोगों की बचत कम होते जा रही थी ।  उनके कारोबार ठप होने लगे थे ।  इससे छोटे-मोटे व्यवसाई , स्वरोजगार में लगे लोग और खुदरा व्यापारियों की हालत भी खराब होने लगी । समाज के यह तबके के लोग सर्वहारा करण के भय से डरने लगे उन्हें डर था कि अगर यही स्थिति रही तो वह भी एक दिन मजदूर बनकर रह जाएंगे ।  या हो सकता है उनके पास कोई रोजगार ही ना रह जाए ।

What is the IPEF

What is the IPEF, if not a trade deal? For the past few months, the Biden administration has been working with countries in the Indo-Pacific region to try and bring them on board with the idea of an alternative trading arrangement led by the U.S.  The four pillars that the IPEF framework   rests on are  ‘Connected Economy’,  💐setting standards on digital trade, 💐cross-border data flows and data localisation;  ‘Resilient Economy’,  💐with supply chain commitments and guarding against price spikes;  ‘Clean Economy’,  💐with commitments on clean energy, 💐 decarbonisation,  💐and infrastructure to cut emissions;  and ‘Fair Economy’,  💐in terms of enforcing regimes that cut down on money laundering and corruption, 💐 and ensure fair taxation.  As a result, the IPEF is more about standard setting and facilitating trade and will not involve more market access for its members.  Nor will it negotiate lower tariffs. Officials sa...

तालाबंदी क्या है ?

तालाबंदी   फैक्ट्री को अस्थाई रूप से बंद करने के लिए मालिकों द्वारा मुख्य फाटक पर ताला डाल देना तालाबंदी कहलाता है .

रूसी स्टीम रोलर

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रूसी स्टीम रोलर  साही रूसी सेना को रूसी स्टीमरोलर कहा जाता था । यह दुनिया की सबसे बड़ी सशस्त्र सेना थी जब इस सेना ने अपना काम बदल कर के मतलब राजा की सेवा करने के बजाय क्रांतिकारियों को सपोर्ट करना चालू कर दिया तो रूस में जार का शासन भी खत्म होने लगा था । नीचे दिए गए चित्र में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूसी सिपाही :

नैनो लिक्विड यूरिया

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लिक्विड यूरिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में इफको कलोल इकाई में स्थापित विश्व के पहले नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र का लोकार्पण किया गया। इफको के मुताबिक लिक्विड यूरिया के इस्तेमाल से किसान सामान्य यूरिया की खपत को 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं.  असल में नैनो यूरिया लिक्विंड की एक 500 मिली वाली बोतल में 40,000 पीपीएम नाइट्रोजन होता है, जो सामान्य यूरिया के एक बैग के बराबर नाइट्रोजन पोषक तत्व प्रदान करता है. इस संयंत्र के अतिरिक्त देश में 8 और नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र लगाए जाएंगे। जिससे फर्टिलाइजर उत्पादन में हमारी स्थिति में सुधार होगा और हमारे किसानों को कम लागत में ही फर्टिलाइजर उपलब्ध हो सकेगा। राठौर ने बताया कि 45 किलो की यूरिया की बोरी को आधे लीटर नैनो यूरिया से रिप्लेस किया जा रहा है। नैनो यूरिया को पानी में मिलाकर पौधों की पत्तियों पर छिड़काव किया जाता है। इसके उपयोग से पौधों में अपना भोजन बनाने की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे पौधों में अच्छी ग्रोथ आती है और उपज में भी वृद्धि होती है। इससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण भी नहीं होता है।

फोरेंसिक साइंस क्या है ? और जस्टिस सिस्टम में कैसे मदद करता है ? भारत में इससे सम्बंधित क्या क्या सुझाव हैं ?

भारत के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में किस प्रकार से सुधार किया जा सकता है ?  फॉरेंसिक साइंस इसमें कितना अहम रोल अदा करता है   ? सबसे पहले क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को समझते  हमारा जो क्रिमिनल justice सिस्टम होता है जिसके 3 पिलर होते हैं - 💐एक होता है जुडिशरी  💐दूसरा होता है जेल  💐और तीसरा होता है पुलिस . इसको इंप्रूव कैसे करके करें ?? क्योंकि सबसे बड़ी प्रॉब्लम आती है इन्वेस्टिगेशन के लेवल पर क्योंकि इन्वेस्टिगेशन पुलिस करती है . वहां पर यह साबित करना सबसे ज्यादा मुश्किल हो जाता है कि कौन इनोसेंट और कौन अपराधी है . यहीं पर सबसे इंपोर्टेंट हो जाता है रोल फॉरेंसिक साइंस का क्योंकि यदि फॉरेंसिक जांच करते हैं तो हमें गवाह के ऊपर ज्यादा निर्भर होना नहीं पड़ता है . वकील हो या जज उनके लिए  जो भी हायर ग्रेविटी वाले होते हैं इन को सॉल्व करने में फॉरेंसिक साइंस हेल्प कर सकती है ।  फॉरेंसिक साइंस को डिफाइन   करने के लिए कैथरीन रांसलन , एक राइटर है उनकी बुक है -  बीटिंग द डेविल गेम हिस्ट्री ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन .  इस बुक मे...

true random number generator (TRNG)

IISc develops device to improve data security ‘ This will provide protection for digital data like credit card details, passwords’ true random number generator (TRNG) A team at the Department of Electrical Communication Engineering (ECE), Indian Institute of Science (IISc) has developed a true random number generator (TRNG),  This can improve   data encryption and provide improved security for sensitive digital data such as credit card details, passwords and other personal information.  The study describing the device has been published in the journal ACS Nano. सिक्योरिटी सिस्टम्स कैसे काम करता है ? “Almost everything we do on the internet is encrypted for security.  The strength of this encryption depends on the quality of random number generation,”  explained Nithin Abraham, a PhD student who is a part of a team led by Kausik Majumdar, Associate Professor at ECE, which has developed the device. cryptographic ‘key’ 🍅 Encrypted information can be decoded only b...
There are special reasons why measles-rubella elimination can be achieved together by July-August 2023 what is rubella  Rubella is a contagious viral infection that occurs most often in children and young adults. Rubella is the leading vaccine-preventable cause of birth defects. Rubella infection in pregnant women may cause fetal death or congenital defects known as congenital rubella syndrome. There is no specific treatment for rubella but the disease is preventable by vaccination.  The disease is basically fever plus a red rash on the skin.  A fever-rash combination has several causes and a throat swab, urine and/or blood sample are collected and tested in the laboratory for identifying measles or rubella. measles-rubella (MR) vaccination    Many would remember the school-based campaigns of measles-rubella (MR) vaccination of children from 5 to 15 years, conducted in all States, in 2017.  Success was good in a few States, but not in other  School man...

quad meetings 2022 tokyo

The Quad can help reshape economic alliances and regional security architecture  Between Russia’s invasion of Ukraine that has destabilised accepted norms on respecting territorial sovereignty; its knock-on effects on commodity and input prices, fuelling inflationary pressures and impacting global supply chains; and the lingering effects of the COVID-19 pandemic that spotlighted deficiencies in public health infrastructure, the leaders of India, the United States, Australia and Japan are likely to have had a full and multidimensional policy agenda in Tokyo.  For the leaders the obvious, if not always explicitly stated theme linking several global issues is the China factor and the unique strategic challenges that that country poses to the rules-based international order.  While U.S. President Joe Biden and Japanese Prime Minister Fumio Kishida were blunt in their condemnation of Russia’s belligerence  भावनाओं , Prime Minister Narendra Modi and newly elected Australia...

ग्रीन हाइड्रोजन क्या है और भारत की इस मामले में पोजिशन क्या है और क्या प्रयास किये जा रहे ?

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Green hydrogen: Fuel of the future ? What is green hydrogen ? Why is India attempting to pursue it and how much is it producing? 27/05/2022   THE GIST  उत्पादन कैसे होता है ? Green hydrogen is produced   through electrolysis using renewable sources of energy such as solar, wind or hydel power. टारगेट ? India has just begun to generate green hydrogen with the objective of raising non-fossil energy capacity to 500 gigawatts by 2030. hydrogen pilot plant  On April 20, India’s first 99.99% pure green hydrogen pilot plant was set up in eastern Assam’s Duliajan. Green hydrogen can be stored   for long periods of time. The stored hydrogen can be used to produce electricity using fuel cells. News At the World Economic Forum in Davos, Switzerland, a few days ago, Minister of Petroleum and Natural Gas Hardeep Singh Puri said India will emerge as the leader of green hydrogen by taking advantage of the current energy crisis across the globe.  pure green hydrogen plant ...

भारत में किशोरियों में पोषण के हाल कैसे हैं और उनमे सुधार कैसे किया जाय

  Promoting dietary diversity is crucial इम्पोर्टेन्ट  during adolescence, especially among girls, who face more physiological demands   adolescence   13 से 17 वर्ष के बीच की अवस्‍था; किशोरावस्था Multiple studies show that adolescence is a nutritionally demanding phase of life.  Even though both adolescent boys and girls face emotional changes during puberty, girls face more physiological demands and thus require a higher intake of macro and micro nutrients.  anaemia   Susceptibility of adolescent girls to anaemia is 40% compared to boys at 18%.  dietary habits    This is why promoting dietary diversity is crucial during adolescence, as dietary habits are in the formative stage and evidence shows that behaviour imbibed  आत्मसात, सोखना, पी लेना  during adolescence has a higher chance of being continued in adult life.  Ensuring appropriate nutrition for adolescent girls is also paramount considering the i...

सेक्स वर्कर और उनके बच्चों व् उनके अधिकार

सेक्स वर्कर और उनके गिरफ्तारी को लेकर अधिकार    Sex workers are entitled to equal protection of the law. Criminal law must apply equally in all cases, on the basis of ‘age’ and ‘consent’.    the police must refrain /  रोकना   from  sex worker is an adult and is participating with consent, the police must refrain /  रोकना   from interfering or taking any criminal action,” a three-judge Bench led by Justice L  sex workers should not be “arrested or penalised or harassed or victimised ”  whenever there is a raid on any brothel वेश्यालय , “since voluntary sex work is not illegal and only running the brothel is unlawful”. A child of a sex worker should not be separated from the mother merely on the ground that she is in the sex trade, the court held.  “Basic protection of human decency  शिष्टाचार   and dignity extends to sex workers and their children,” the court noted. child was trafficked or  not...