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pm kusum yojna

पी एम कुसुम योजना  क्या है ? इसके अंतर्गत खेतों में सोलर यूनिट लगाई जाएगी और फिर इसको विद्युत् ग्रिडों से जोड़ा जायेगा ताकि किसान बिजली बना सकें।  लक्ष्य ? २०२२ तक 27500 मेगावाट बिजली उत्पादन।  कौन शामिल ? 15 लाख किसानो को वित्तीय सहायता ताकि ग्रिड से जुड़े  पम्पसेट को सौर ऊर्जा चालित बना सकें।  लाभ ? बंजर या परती  भूमि का सही उपयोग  किसानों की आय  को दोगुना करने में सहायता  मौसम के कारन होने वाले को कम करना  20  लाख किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने में सहायता। 

pit viper snake

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Pit viper in Arunachal has Harry Potter link A new species of green pit viper found in ArunachalPradesh has a Harry Potterlink. The scientific name Tri-meresurus salazar has been inspired by Salazar Slytherin, cofounder of J.K. Rowling’s fictional HogwartsSchool of Witchcraft andWizardry. The discovery by Zeeshan A. Ayaz Mirza of Bengaluru’s National Centre for Biological Sciences, Harshal S.Bhosale of Bombay NaturalHistory Society and four others was published in theApril issue of Zoosystemat-ics and Evolution. The new species is the fifth variety of reptile to have been discovered in the state in a little more than year, beginning with the crying keelback followed by the impressive tortoise, so named because of the striking pattern on its back.  The other two species are theArunachal pit viper, India’sfifth brown pit viper but with a reddish tinge, and anatricid burrowing snake similar to the shield tail snake found in the Western Ghats.According to the researchers, Salazar’s pit...

neeli arthvyastha

नीली अर्थव्यस्था    लक्ष्य - इसके तहत २०२४ - २०२५ तक मछलियों के निर्यात को एक लाख करोड़ रूपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।  2022  -23 तक मछली उत्पादन 200  लाख टन  करने पर बल दिया गया है।  मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 3477  सागर मित्रों और 500  मतस्य उत्पादक संगठनों द्वारा युवाओं को मछली पालन  जोड़ा जायेगा।  प्रोत्साहन -    क्षेत्र को और अधिक व्यापक बनाने के लिए शैवालों और समुद्री खरपतवारों था केज कल्चर को प्रोत्साहन दिया जायेगा।  फ्रेमवर्क - सरकार समुद्री  मत्स्य संसाधनों के विकास ,प्रबंधन ,और संरक्षण के लिए।  मछुआरों को भी कृषक का दर्जा मिल जायेगा तो वे भी कृषि से सम्बन्धी लाभ ले पाएंगे अपने क्षेत्र में।  लाभ - आजीविका में सुधार , मछली पालन का तेजी से विकास होगा। 

krishi udan yojna

कृषि उड़ान योजना  इसका सञ्चालन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय  स्तर हवाई मार्गों  पर किया जायेगा।  पूर्वोत्तर और आदिवासी इलाकों से कृषि उत्पादों को कम समय में बाजार तक पहुँचाया  जायेगा  .  इससे किसानों  को सही कीमत मिल सकेगी।  इससे किसान विदेशों में भी अपने उत्पाद को बेच सकेंगे  इस  से नाजुक और जल्दी ख़राब होने वाले खाद्य पदार्थों को बेहतर कीमत पर बिक्री के लिए बाजार मिलेगा और मजबूर होकर औने पौने दामों पर बेचने से वे बच सकेंगे। 

kisan rel yojna

किसान रेल योजना   इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों की ढुलाई को सुगम बनाना है।  यह योजना सार्वजानिक और निजी भागीदारी (पी पी पी मॉडल  )  पर आधारित होगी।  इसके अंतर्गत वातानुकूलित किसान  मालगाड़ियां चलाई जाएँगी।  एक्सप्रेस और मालगाड़ियों में प्रशीतन यानि रेफ्रिजरेटेड डिब्बे लगाए जायेंगे।  इसके आलावा जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुओं जैसे - फल , सब्जी , डेयरी उत्पाद , अंडे , मांस, मछली आदि को लम्बी दूरी  तक ले जाने के लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलाई जाएँगी। 

rangbhumi upanyas pdf

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भू राजस्वव्यस्था

शुरुआत - 1793 ई लार्ड कार्नवालिस द्वारा । * राजस्व वसूली का एकाधिकार - जमींदार को दिया गया । * अलग अलग क्षेत्रों में लगान की दरें अलग । * 1/10 भाग जमींदार खुद रखते और बाकी हिस्सा अंग्रेजों को । * लगान या मालगुजारी नहीं देने पर - कुर्की द्वारा राजस्व प्राप्त कर लिया जाता । * कुर्की का अधिकार भी जमींदार को प्राप्त था । * मालगुजारी अधिक वसूली होने पर अतिरिक्त वाला हिस्सा जमींदार खुद रख लेते । * बाद में ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रशासनिक क्षेत्र बढ़ने पर कम्पनी को लगा - यह लोचहीन व्यस्था है । - कृषि में सुधार एवं उत्पादन में वृद्धि तभी होगी जबकि किसान एवं कंपनी के बीच कोई मध्यस्थ न हो ।