क्या आज के समय में राज्यसभा की आवश्यकता है

क्या आज के समय में राज्यसभा की जरूरत है ?

मैं यह नहीं कहता कि राज्यसभा को खत्म कर दिया जाए लेकिन आजादी के 75 साल हो चुके हैं इस मौके पर हमें राज्यसभा की जांच पड़ताल जरूर करना चाहिए ।

संविधान निर्माण करते समय इस बात पर भी डिबेट हुई थी कि हमारे संविधान में राज्यसभा होना चाहिए या नहीं होना चाहिए ।। आज के समय में जो अनुच्छेद 80 है वह राज्यसभा की कंपोजिशन से डील करता है इलेक्शन कैसे होगा इसके सदस्यों का नॉमिनेशन कैसे होगा यह सारे क्वेश्चन ओं का आंसर यहां पर दिया गया है।

उस समय जो डिबेट चल रही थी वह था अनुच्छेद 67 था ।। फिर बाद में इसी को संशोधित करके अनुच्छेद 80 नाम दिया गया ।

लोकनाथ मिश्रा 

ने पुरजोर विरोध किया था कि राज्यसभा बनना नहीं चाहिए । जहां कहीं भी इस प्रकार की व्यवस्था रही है वह ज्यादा सफल नहीं हो पाया है इसके पक्ष में केवल यह बात कही जाती है कि कोई भी कानून जल्दी से पास ना हो पाए लोकसभा से उसकी जांच पड़ताल राज्यसभा में होनी चाहिए लेकिन इसके लिए तो और भी व्यवस्था है । पैसा व्यर्थ है । 

शिब्बन लाल सक्सेना 
12 नॉमिनेटेड मेंबर का जो प्रावधान किया गया है जिसमें राष्ट्रपति मनोनीत करता है यह संविधान के खिलाफ है क्योंकि बाद में यही लोग फिर मिनिस्ट्री में चले जाते हैं मंत्री बन जाते हैं। कानून निर्माण में कोई खास रुचि नहीं रखते हैं और इनकी उपस्थिति या फिर अटेंडेंस भी बहुत कम रहती है ।

यह प्रगति के रास्ते में बाधा उत्पन्न करता है संसद का उच्च सदन । 

1 सेक्शन 1 
हमारा भारत यूनियन ऑफ स्टेट है इसलिए राज्यसभा की ड्यूटी बनती है स्टेट के इंटरेस्ट को प्रोटेक्ट करें । केंद्र को ज्यादा पावर दी गई । 

2003 के पहले यदि किसी को राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ना है तो उसे उसी राज्य का डोमिसाइल होना जरूरी था लेकिन 2003 के बाद से ही व्यवस्था बंद कर दी गई है आप दूसरे राज्य के लिए भी राज्यसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपल एक्ट 1952 में संशोधन करके सेक्शन 3 क्लास 1 .
इसके विरोध में कुलदीप नैयर सुप्रीम कोर्ट भी गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था को सही ठहराया था ।
हमारे देश में 24 राज्य अभी ऐसे हैं जहां केवल एक ही सदन है मतलब केवल विधानसभा है वहां पर विधान परिषद नहीं है . ठीक इसी प्रकार से भी राज्य सरकार है बिना विधान परिषद के काम चला सकती हैं तो केंद्र सरकार क्यों काम नहीं चला सकती है . 

इस बात को लेकर के तो संसद में डिबेट जरूर होना चाहिए कि जिस उद्देश्य से राज्य सभा की स्थापना की गई थी वह उद्देश्य को राजसभा पूरा कर पाया है या नहीं . इसके पक्ष में एक तर्क यह दिया जाता है कि यह एक स्थाई सदन है लोकसभा भंग हो जाती है तो इसके लिए भी एक उपाय हैं लोकसभा में एक प्रावधान कर सकते हैं कि जब तक नई लोकसभा का चुनाव नहीं हो जाता है पुरानी लोकसभा काम करते रहे.
Article 83 (2) amendment krkr.







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