स्टेटक्राफ्ट से भारत की आंतरिक समस्याओं को कैसे हल किया जा सकता है

यूरोप में एक और चल रहा है जिसमें रसिया और यूक्रेन इन वॉल यूक्रेन की मदद कर रहे हैं वेस्टर्न पावर इसके अलावा नैटो यही न्यूज़ राजद साउथ एशिया डोमिनेटेड न्यूज़पेपर की हेडलाइंस रही है यह सारे मुद्दे से इंडिया की इंटरनल सिक्योरिटी प्रॉब्लम है वह पीछे हो गई जैसे कि म्यानमार में जो मिलिट्री ने को किया है उस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है थाईलैंड में जो सरकार है वह पूरी तरह से रिप्रेजेंटेटिव है इसके ऊपर भी कोई न्यूज़ नहीं बना रहा है वही इंडिया की बात करें इंटरनली बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है

किसी देश की सिक्योरिटी एजेंसी केवल उसी देश की सिक्योरिटी करती है यह सब हमें इंटरनल रूप से सिक्योरिटी प्रोवाइड करती ह लेकिन एक सीमा के बाद यह सिक्योरिटी भी काम नहीं आती है काम आती है केवल बातचीत सारी प्रॉब्लम को सिक्योरिटी के माध्यम से सॉल्व नहीं किया जा सकता है इसके लिए हमें स्टेटक्राफ्ट पर ध्यान देना जरूरी है मतलब हमें उस एरिया की पॉलीटिकल कंडीशन वहां की परेशानियों को समझना है वहां के लोगों के साथ जोड़ना है और चीजों को शॉट आउट करने की कोशिश करना

पहला मुद्दा देख लेते हैं कश्मीर का 1947 से ही कश्मीर हमेशा न्यूज़ में रहा कभी शांत रहता है कभी फिर न्यूज़ में आ जाता है पिछले 18 से 20 महीने का डाटा देखें तू कश्मीर न्यूज़ में रहा अक्सर आतंकवादी घटना यहां पर होते रहता है खास करके 370 हटाने के बाद अब फिलहाल में जो अटैक हो रहे हैं वह कश्मीरी पंडित के ऊपर हो रहा है पास में देखा जाए तो कश्मीरी पंडितों को यहां से भगा दिया गया सरकार ने नोकरी दिया और उनको बसाने का कोशिश किया ।

और यही बात लोगों को बुरी लग रही है और कश्मीरी लोगों को टारगेट किया जा रहा है इसके अलावा ऐसे लोग आतंकवाद को सपोर्ट करते हैं भारत सरकार का विरोध करते हैं सरकारी नौकरी में आ गए इसलिए यदि इस प्रकार के लोगों की पहचान हो जाती है तो उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है जम्मू कश्मीर की समस्या करना पड़ेगा स्टेटक्राफ्ट को हमें लागू करना पड़ेगा । ग्राउंड लेवल पर प्रॉब्लम को समझना पड़ेगा पॉलिटिकल ग्राउंड लेवल पर इंप्लीमेंट करना ज्यादा से ज्यादा इनवेस्टमेंट यहां पर लाना होगा पड़ेगा
सरकार स्टेटक्राफ्ट पर ध्यान नहीं दे रही है सरकार का कहना है 1950 से लेकर कि आज तक हम बातचीत के माध्यम से समस्या को हल नहीं कर पाए इसीलिए वायलेंस को खत्म करने के लिए सरकार ने आर्टिकल 370 को कश्मीर से हटा दिया जम्मू कश्मीर को लेकर की कोई एक ही चीज ऐसी नहीं है जिस पर भी हम लागू कर देते हैं तो वहां की समस्या हल हो जाएगी इसके लिए आपको लाना पड़ेगा साथ में सिक्योरिटी एजेंसी भी रहेंगी

2 moist problem / नक्सलियों की समस्याओं

ज्यादातर हम देखते हैं कि नक्सलवादी माइंड लेस वायलेंस कैरी आउट करतेहै । ब्रुचल किलिंग करते हैं । यहां पर भी केंद्र की सरकार और स्टेट की सरकार को इस फील्ड पर स्टेट क्राफ्ट को यहां लागू करना चाहिए ।
सरकार इसको लागू जरूर करती है लेकिन वह केवल लोगों के लिए रहता है नक्सलियों के लिए क्योंकि सरकार का मानना है नक्सलियों की मांगों को हम नहीं मान पाए इसलिए उनके साथ में बातचीत नहीं करते फिलहाल देखा जाए तो नक्सल की घटनाएं उतनी सामने नहीं आती है क्योंकि जगह जगह पर पुलिस को डेप्लॉय कर दिया गया

3 punjab and northeast 

वहीं पंजाब की बात करें तो यहां पर प्रो खालिस्तानी ग्रुप को भरकर सामने आए जो कि फेल सकते हैं हरियाणा और हिमाचल प्रदेश पंजाब में स्लीपर सेल्स आईडेंटिफाई किए गए हैं और यह स्लीपर सेल्स प्रो खालिस्तान मूवमेंट के साथ में जुड़े हुए इनको पाकिस्तान की आईएसआई सपोर्ट करती हैं अभी मोहाली की इंटेलिजेंस विंग के ऊपर एक प्रो खालिस्तानी एलिमेंट का अटैक हुआ बताया जाता है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने अटैक को अंजाम दिया था इसका मतलब यह है कि खालिस्तान मूवमेंट अभी शांत नहीं हुआ है ठीक इसी प्रकार से नागालैंड में उल्फा अभी एक्टिव है यह नागालैंड का ट्राइबल ग्रुप है

4 south
 Ltt हाल ही में इस ग्रुप की कुछ एक्टिविटी देखने को मिली है तमिलनाडु का हालांकि है उतना ज्यादा बहुत बड़ी मात्रा पर नहीं है फिर भी चिंता की बात तो है भारत सरकार के लिए

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