सर्वहाराकरण क्या है ?
सर्वहाराकरण
गरीब होते होते मजदूर वर्ग की आर्थिक स्थिति में पहुंच जाना ही सर्वहारा करण कहलाता है ।
जैसे कि
जर्मनी में जब आर्थिक संकट आया था तो वहां की मुद्रा का अवमूल्यन होते जा रहा था ।
मध्य वर्ग खासतौर से वेतन भोगी कर्मचारी , पेंशनधारी लोगों की बचत कम होते जा रही थी ।
उनके कारोबार ठप होने लगे थे ।
इससे छोटे-मोटे व्यवसाई , स्वरोजगार में लगे लोग और खुदरा व्यापारियों की हालत भी खराब होने लगी ।
समाज के यह तबके के लोग सर्वहारा करण के भय से डरने लगे उन्हें डर था कि अगर यही स्थिति रही तो वह भी एक दिन मजदूर बनकर रह जाएंगे ।
या हो सकता है उनके पास कोई रोजगार ही ना रह जाए ।
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