ग्लोकलाइट्स' और अंतरराष्ट्रीय संगठन 'ग्लोबल सिटीजन की रिपोर्ट 2021
ग्लोकलाइट्स' और अंतरराष्ट्रीय संगठन 'ग्लोबल सिटीजन की रिपोर्ट
अध्ययन के दौरान छह साल की अवधि में 20 देशों में 2,47,722 लोगों के साक्षात्कार किए गए।
एक सी राय
इस दौरान लोगों से उनके आसपास के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर जानकारी हासिल की गई और पाया गया कि दुनिया की 78 प्रतिशत आबादी पर्यावरण के बारे में अपनी चिंताओं को लेकर एक जैसे विचार रखती है।
चिंता का विषय
चिंता का विषय
अध्ययन में पाया गया, 'भारत में लोगों की उस नुकसान के बारे में चिंता बढ़ रही है जो कि मनुष्य के कारण पृथ्वी को हो रहा है। यह आंकड़ा वर्ष 2014 में 82 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2021 में 87 प्रतिशत हो गया है।'
चिंता करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि
चिंता करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि
इसके मुताबिक, ' महामारी के बावजूद वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं में लगातार वृद्धि हुई है। चीन और भारत में पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर इजाफा हुआ है। दोनों देशों में प्रदूषण को लेकर भी चिंता करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है।'
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