GST reforms
in this article -
- GST की वर्षगांठ और टैक्स सुधार का अवसर
- आर्थिक दक्षता और टैक्स प्रणाली की सादगी
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमज़ोरियाँ
GST के बाद टैक्स बढ़ोतरी में ठहराव
Ad Valorem बनाम Specific Excise
Compensation Cess का खतरा
कर रणनीति — Dual Approach की ज़रूरत
Illicit Trade — उद्योग के तर्क का खंडन
दर युक्तिकरण (Rate Rationalisation) की प्रक्रिया में तंबाकू उत्पादों पर कराधान (taxation) की कमियों को दूर करना अनिवार्य है, और यह कार्य करते समय आर्थिक (economic) और सार्वजनिक स्वास्थ्य (public health) पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखना चाहिए।"
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Rate Rationalisation
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Taxation of Tobacco Products की बात करें तो GST के बाद से तंबाकू पर कर संरचना में ऐसी खामियाँ हैं:
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Bidis जैसे उत्पाद कम टैक्स के दायरे में हैं।
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Compensation Cess केवल कुछ उत्पादों पर लागू है।
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टैक्स संरचना में ad valorem ज़्यादा है, जबकि specific excise अधिक प्रभावी मानी जाती है।
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इस वाक्य में यह कहा गया है कि जब भी GST Council टैक्स दरों का पुनर्विचार करे, तो केवल राजस्व को ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य नीति के लक्ष्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए — जैसे तंबाकू की खपत को कम करना और इससे जुड़ी बीमारियों से होने वाले आर्थिक बोझ को घटाना।
: 1 प्रस्तावना — GST की वर्षगांठ और टैक्स सुधार का अवसर
भारत में 1 जुलाई 2017 को Goods and Services Tax (GST) लागू हुआ, जिससे अनेक अप्रत्यक्ष करों जैसे VAT, excise duty, और service tax को हटा दिया गया और एक “One Nation, One Tax” प्रणाली अस्तित्व में आई।
✅ GST के लाभ:
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राज्यों में समान दरों की स्थापना
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Ease of Doing Business में सुधार
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आर्थिक एकीकरण
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राजस्व वृद्धि: 2024–25 में ₹22.08 लाख करोड़, जिसमें 9.4% की वृद्धि
🔹 2: आर्थिक दक्षता और टैक्स प्रणाली की सादगी
GST ने cascading tax effect (एक कर पर दूसरा कर लगना) को input tax credit सिस्टम द्वारा हटाया, जिससे उत्पादन लागत घटी।
✅ अन्य लाभ:
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डिजिटल प्रक्रियाएं: जैसे e-way bills से अनुपालन बढ़ा
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राज्य सीमा जांच चौकियों का हटना → 20% तक यात्रा समय कम
🔹 3 : स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमज़ोरियाँ
हालाँकि आर्थिक रूप से सुधार हुए हैं, लेकिन public health, विशेषकर tobacco taxation के क्षेत्र में गंभीर कमियाँ बनी हुई हैं।
🚨 भारत में:
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प्रतिदिन 3500 मौतें तंबाकू के कारण
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2017 में ₹2,340 अरब (1.4% GDP) का आर्थिक बोझ
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वहीं तंबाकू से सालाना औसतन केवल ₹551 अरब का GST राजस्व
👉 28.6% वयस्क और 13–15 वर्ष के 8.5% छात्र तंबाकू का सेवन करते हैं।
🔹 4: GST के बाद टैक्स बढ़ोतरी में ठहराव
GST लागू होने के बाद से, तंबाकू उत्पादों पर कोई बड़ा कर वृद्धि नहीं हुई।
📉 जबकि 2009-17 के बीच excise और VAT में बढ़ोतरी से 17% कमी आई थी तंबाकू के उपयोग में।
🔺 अब टैक्स दर स्थिर रहने से तंबाकू सस्ता और अधिक सुलभ हो गया है।
📌 वर्तमान टैक्स बोझ, WHO के 75% मानक से कम है:
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Bidis: 22%
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Cigarettes: 54%
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Smokeless tobacco: 65%
🔹 5: संरचनात्मक समस्या — Ad Valorem बनाम Specific Excise
GST प्रणाली मुख्य रूप से ad valorem है — यानी मूल्य के प्रतिशत के रूप में कर।
👉 लेकिन specific excise (प्रति यूनिट निश्चित राशि वाला कर) अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि यह कीमतों की हेरफेर से कम प्रभावित होता है।
📉 GST के बाद central excise की हिस्सेदारी घटी:
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Cigarettes: 54% → 8%
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Bidis: 17% → 1%
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Smokeless tobacco: 59% → 11%
🔍 समस्या:
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Bidis, जो गरीब वर्ग द्वारा ज्यादा उपयोग की जाती हैं, GST compensation cess के तहत भी नहीं आतीं।
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यह public health के दृष्टिकोण से अनुचित है।
🔹 6: Compensation Cess का खतरा
👉 GST Compensation Cess 2026 में समाप्त हो सकता है।
इसका 50% हिस्सा cigarettes पर टैक्स से आता है।
❗ यदि यह हटा दिया गया, तो तंबाकू सस्ता हो जाएगा, और स्वास्थ्य नीति के उद्देश्य विफल होंगे।
🔹 7: कर रणनीति — Dual Approach की ज़रूरत
✅ उपाय:
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GST दर को 40% तक बढ़ाना (GST कानून में अनुमति है)
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साथ में specific excise duty को भी बढ़ाना
➡ यह dual strategy न केवल राजस्व बढ़ाएगी बल्कि तंबाकू की खपत घटाने में भी मदद करेगी।
🔹 8: Illicit Trade — उद्योग के तर्क का खंडन
तंबाकू उद्योग का तर्क: ज्यादा टैक्स = ज्यादा illegal trade
📊 लेकिन स्वतंत्र अध्ययन बताते हैं कि भारत में illicit cigarettes की हिस्सेदारी केवल 2.7%–6.6% है, जबकि उद्योग 25% का दावा करता है।
✅ निष्कर्ष:
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Illicit trade टैक्स से नहीं, बल्कि governance quality और enforcement capacity से प्रभावित होता है।
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भारत ने WHO का Illicit Trade Protocol भी रैटिफाई किया है — इसे लागू करने की ज़रूरत है।
🔹 9: संसद समिति और नीति का मार्गदर्शन
Parliamentary Standing Committee (सितंबर 2022) ने माना:
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भारत में तंबाकू उत्पाद दुनिया में सबसे सस्ते हैं।
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GST दरें बढ़ाने और excise duties सुधारने की तत्काल आवश्यकता है।
✅ यह दो उद्देश्यों की पूर्ति करेगा:
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स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ में कमी
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राजकोषीय मजबूती (fiscal consolidation)
🔹 अंतिम निष्कर्ष: सुधार का अवसर
जैसे ही GST की 8वीं वर्षगांठ आई है, यह समय है कि rate rationalisation exercise के जरिए:
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तंबाकू उत्पादों की कर संरचना की खामियों को दूर किया जाए,
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और GST को राजस्व + जनस्वास्थ्य दोनों के उपकरण (tool) के रूप में उपयोग किया जाए।
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