छुद्र ग्रह

छुद्र ग्रह

ग्रह और उनके चंद्रमा और परिवार के बड़े सदस्य हैं। इनके अलावा कुछ नन्हें सदस्य भी हैं, जिन्हें छुद्र ग्रह कहते हैं। मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच की पट्टी से सबसे अधिक छुद्र ग्रह है। सूर्य से इनकी दूरी 2.2-3.3 au है। ये भी सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि इस पट्टी में 40,000 से 50,000 तक छुद्र ग्रह हैं। इनमें से अधिकांश इतने छोटे हैं कि प्रचलित तरीकों से उनका व्यास भी नहीं मापा जा सकता। इनमें सबसे बड़ा सेरेज है, जिसका व्यास 1003 से 1040 किमी. है। इसकी खोज सन् 1801 में हुई थी। केवल एक ही छुद्र ग्रह ऐसा है, जो बिना दूरबीन के दिखाई पड़ता है, वह है 4 वेस्ता, जिसका व्यास 555 किमी. है। जिस छुद्र ग्रह की दूरी पृथ्वी के सबसे निकट आने पर नापी गई, वह है हमीज। पृथ्वी से इसकी दूरी 780,000 किमी. या 0.006 au थी। यह अब लुप्त हो गया है।

कोई नहीं जानता कि छुद्र ग्रह कैसे बने। कुछ लोगों का अनुमान है कि ये किसी ग्रह के टुकड़े हैं जो कभी मंगल और बृहस्पति के बीच में स्थित रहा होगा। ऐसा भी कहा जाता है कि ये मंगल और बृहस्पति ग्रह के ही टूटे हुए हिस्से हैं। कुछ छुद्र ग्रह धूमकेतु के भी टुकड़े हो सकते हैं।

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