ब्लैक होल

ब्लैक होल

सूर्य से भी तीन गुने विशाल तारों के समाप्त होने पर अंतरिक्ष के कुछ काले क्षेत्र बच जाते हैं जिन्हें ब्लैक होल कहते है। इनका गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक होता है कि कोई भी वस्तु जो ब्लैक होल में चली जाती है, बाहर नहीं आ सकती। यहां तक कि प्रकाश भी गुरूत्वाकर्षण के कारण बाहर नहीं आ पाता।

सन् 1972 में सबसे पले ब्लैक होल की पहचान की गई थी। यह सिग्नल एक्स-1 के दुहरे तारे में था। यह दुहरा तारा एक्स किरणों का स्रोत है। यह उसका एक छोटा साथी है जो बिल्कुल काला है। यह न्यूट्रॉन तारा नहीं है, इसलिए इनको ब्लैक होल कहते हैं। सामान्यतः ब्लैक होल से एक्स किरणे और अवरक्त विकिरण निकलते हैं। इन्हीं विकिरणों के आधार पर अंतरिक्ष में ब्लैक होलों का पता लगाया जाता है। ब्लैक होलों का द्रव्यमान 10 करोड़ सूर्यो के बराबर तक हो सकता है।

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