भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के बारे में

प्रस्तावना

प्रतिस्पर्धा यह सुनिश्चित करने हेतु श्रेष्ठ साधन है कि ''सामान्य जन'' अथवा ''आम आदमी'' की पहुंच अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मूल्यों पर व्यापक श्रेणी में वस्तुओं एवं सेवाओं तक हो। 

बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा से उत्पादकों को नव परिवर्तन लाने एवं विशेष अघ्ययन करने में अधिकतम प्रोत्साहन मिलेगा। 

इसके परिणाम स्वरूप लागत में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को रुचि के व्यापक विकल्प मिलेंगे। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बाजार में उचित प्रतिस्पर्धा का होना अनिवार्य है। 

हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था में उचित प्रतिस्पर्धा का सृजन करना और उसको सतत्‌ रूप से बनाए रखना है जो उत्पादकों (विनिर्माताओं) को एक ''स्तरीय कार्य क्षेत्र'' मुहैया कराएगा तथा बाजारों को उपभोक्ताओं के कल्याण के लिए कार्यशील बनाएगा।

प्रतिस्पर्धा अधिनियम

प्रतिस्पर्धा संशोधन अधिनियम, २००७ द्वारा यथा संशोधित प्रतिस्पर्धा अधिनियम, २००२ आधुनिक प्रतिस्पर्धा कानूनों के दर्शन का अनुकरण करता है। 

यह अधिनियम प्रतिस्पर्धा-रोधी करारों, उद्यमों द्वारा प्रमुख स्थिति के दुरूपयोग को निषेध करता है तथा संयोजनों (अधिग्रहण, नियंत्रण तथा एम एण्ड ए की प्राप्ति) को विनियमित करता है जिसके कारण भारत में प्रतिस्पर्धा पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है अथवा उसके पड़ने की संभावना हो सकती है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

इस अधिनियम के उद्देश्यों को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सी सी आई) के माध्यम से प्राप्त किया जाना है जिसका गठन केन्द्र सरकार द्वारा १४ अक्टूबर, २००३ को किया गया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष तथा ६ सदस्य द्राामिल हैं।

 

आयोग का कर्त्तव्य

🍅प्रतिस्पर्धा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव वाले व्यवहारों को समाप्त करना,

 🍅प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उसे सतत्‌ रूप से बनाए रखना,

 🍅उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और भारतीय बाजारों में व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है।

 

🍅आयोग को विधि के अंतर्गत स्थापित किसी भी सांविधिक प्राधिकरण से प्राप्त होने वाले संदर्भ पर प्रतिस्पर्धा संबंधी मुद्‌दों पर अपनी राय देना तथा 

🍅प्रतिस्पर्धा परामर्श आरंभ करना, 

🍅प्रतिस्पर्धा मुद्‌दों पर जन-जागरूकता का सृजन करना और प्रशिक्षण देना भी अपेक्षित है।

Source : cci website

Comments

Popular posts from this blog

Karnataka govt. unveils digital grievance portal for gig workers