सात नई रक्षा पी एस यू कंपनियां

विजयदशमी के अवसर पर आयुध निर्माणी बोर्ड की सात नई रक्षा कंपनियां राष्ट्र को समर्पित


15 अक्टूबर 2021

 reason

  • संचालन स्वायत्तता
  • दक्षता बढ़ाने और 
  • नई विकास क्षमता और 
  • नवाचार लाने के लिए
  •   ये नई कंपनियां 'आत्मनिर्भर भारतके दृष्टिकोण के अनुरूप आयात को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। 65,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऑर्डर बुकिंग इन कंपनियों में देश के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के उपाय के रूप में ओएफबी को सरकारी विभाग से सात शत प्रतिशत सरकारी स्वामित्व वाली कॉर्पोरेट कंपनियों में बदलने का निर्णय लिया था। 


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सात नई रक्षा कंपनियां हैं:

  1.  मुनीशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल); 
  2. आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (अवनी); 
  3. एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया);
  4.  ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) (ट्रूप कम्फर्ट आइटम);
  5.  यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल);
  6.  इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल)
  7.  और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) इन कंपनियों ने 01 अक्टूबर, 2021 से कारोबार शुरू कर दिया है।


 इन नई कंपनियों को  केवल बेहतर उत्पादन वातावरण दिया है बल्कि कार्य-संबंधी पूर्ण स्वायत्तता भी दी है।


आगे की राह क्या है ? हमारी कंपनियां न केवल अपने उत्पादों में विशेषज्ञता स्थापित करें बल्कि एक वैश्विक ब्रांड भी बनें

 जहां प्रतिस्पर्धी लागत हमारी ताकत है, वहीं गुणवत्ता और विश्वसनीयता हमारी पहचान होनी चाहिए। 


यह निर्णय इन कंपनियों को स्वायत्तता प्रदान करेगा और उनके अधीन 41 कारखानों के कामकाज में जवाबदेही और दक्षता में सुधार करेगा। 


 नई संरचना ओएफबी की मौजूदा प्रणाली में विभिन्न कमियों को दूर करने में मदद करेगी 


और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए इन कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने और निर्यात सहित बाजार में नए अवसरों की तलाश करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी।


आने वाले समय मेंये नई कंपनियां  केवल रक्षा विनिर्माण तंत्र में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का इंजन भी होंगी। 

यदि आवश्यक हुआतो सरकार शुरू में वित्तीय और गैर-वित्तीय उपायों के माध्यम से सहायता प्रदान करेगी।

उत्पादन इकाइयों से संबंधित ओएफबी (ग्रुप बी और सीके सभी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के रूप में उनकी सेवा शर्तों में को 

बदलाव किए बिना दो साल की अवधि के लिए डीम्ड प्रतिनियुक्ति पर इन कॉर्पोरेट संस्थाओं में स्थानांतरित किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय ने 2024 तक एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों और सेवाओं में 1.75 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा हैजिसमें 35,000 करोड़ रुपये का निर्यात भी शामिल है।


Soure pib

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