मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना
मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना
मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का शुभारंभ। हम जानते हैं कि उत्तराखंड में पहाड़ों में विपरीत मौसम में पशुओं के लिए चारा पहुंचाने में हमारी माताओं और बहनों को बहुत दिक़्क़त होती है। यहां लगभग लगभग 2,000 किसान लगभग 1,000 एकड़ भूमि पर मक्के की खेती करेंगे और उससे वैज्ञानिक तरीक़े से पौष्टिक पशु आहार बनाने की योजना बनी है जिसका फ़ायदा लगभग एक लाख किसानों तक पहुंचेगा।
घस्यारी कल्याण योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत सब्सिडी पर दो रूपए किलो की दर से पशु आहार दिया जाएगा और इसके कारण माताएं-बहनें ढेर सारी आपदाओं से बचेंगी।

योजना का उद्देश्य उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों को पैक्ड सायलेज, सम्पूर्ण मिश्रित पशुआहार उनके घर-घर तक पहुंचाना है।
इस योजना का उद्देश्य एक लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करना है, जिनमें विशेषकर महिलायें शामिल हैं। जिनको रियायती दरों पर सायलेज ,एवं टीएमआर फीड ब्लॉक उपलब्ध करा कर चारा काटने के कार्य से मुक्त किया जाना है।
सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों द्वारा पौष्टिक पशुचारे के उपयोग में वृद्धि होगी।
पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की पैदावार में दोहरा लाभ होगा। यह योजना सायलेज उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ लि. के द्वारा संचालित की जायेगी। प्रदेश के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश की महिलाओं को चारे की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
इसके लिए सरकार घास को भी दुकानों में उपलब्ध कराएगी। जो कि पैक्ड उपलब्ध कराएगी। धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार सिलेंडर और राशन की तरह गांवों में घास की दुकानें खुलवाएगी।
Comments
Post a Comment