gulamgiri book pdf jyotiba rao fule
Gulamgiri book pdf
Name of book : gulamgiri
Author : jyotirao govind rao fule
About books
ज्योतिबा फुले के सम्पूर्ण साहित्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है ‘गुलामगिरी’। यह ग्रन्थ 1873 में प्रकाशित हुआ था।
मतलब यह ग्रन्थ ज्योतिबा फुले ने आज से 143 साल पहले लिखा था और प्रकाशित किया था।
उस समय यूरोपियन देशों में काले लोगों की गुलामी का प्रश्न भयंकर स्वरूप में था और काले लोगों की गुलामी के विरोध में संघर्ष भी जोरों पर था।
जिस प्रकार यूरोपियन देशों में काले वर्ण के लोगों को गुलाम बनाकर रखने की प्रथा थी उसी समय भारत जैसे सनातन देश में भी गुलामी की प्रथा किस स्वरूप में थी।
इस बात को ज्योतिबा फुले ने अपने इस ‘गुलामगिरी’ ग्रन्थ में स्पष्ट रूप में रखा है। भारत में प्राचीन काल से गुलामी की प्रथा का स्वरूप किस प्रकार का रहा है, इस बात को समझने के लिए ज्योतिबा फुले का यह ग्रन्थ बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। ‘गुलामगिरी’ के कई हिन्दी संस्करण प्रकाशित हुए हैं, फिर भी इस ग्रन्थ को पढ़ने वालों की संख्या में कमी नहीं आयी है।
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