भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर समझौते
भारत और अमेरिका ने 2025 के पतझड़ (शरद ऋतु) तक व्यापार समझौते के पहले चरण पर बातचीत करने पर सहमति व्यक्त की है। इस दौरान, भारत ने अमेरिका से ऊर्जा खरीद बढ़ाने की इच्छा जताई है ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत-अमेरिका व्यापार घाटे को लेकर चिंताओं को दूर किया जा सके। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के वाशिंगटन में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान लिया गया।
ताहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि उनकी सरकार ने 2008 में मुंबई में हुए ‘26/11’ आतंकी हमले से जुड़े आरोपी ताहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार शाम को प्रेस वार्ता में बताया कि राणा के आत्मसमर्पण और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
सीमा विवाद पर अमेरिका की सहायता की पेशकश
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-चीन सीमा विवाद के मुद्दे पर भारत को “मदद” करने की पेशकश की।
भारत को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट देने का रास्ता साफ
रक्षा क्षेत्र में अमेरिका भारत को F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप ने वार्ता के दौरान की।
संयुक्त बयान: रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर सहमति
दोनों देशों ने ‘मिशन 500’ के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर से अधिक करने पर सहमति जताई।
‘विकसित भारत’ और ‘MAGA’ का तुलनात्मक संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया कि वे भी अपने राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने ट्रंप के “Make America Great Again (MAGA)” नारे की तुलना अपने “विकसित भारत” अभियान से की।
ट्रंप ने भारतीय टैरिफ को बताया ‘अनुचित’
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के टैरिफ को “अनुचित” और एक “समस्या” बताया। इससे पहले, उन्होंने पारस्परिक टैरिफ नीति की घोषणा करते हुए भारतीय टैरिफ का विशेष रूप से उल्लेख किया था।
अमेरिकी तेल और गैस खरीदकर व्यापार घाटा कम करेगा भारत
अमेरिकी तेल और गैस (LNG) की बिक्री से व्यापार घाटे को संतुलित किया जा सकता है।
विदेश सचिव मिस्री ने सुझाव दिया कि भारत अमेरिका से अपनी ऊर्जा खरीद को 15 बिलियन डॉलर (पिछले वर्ष) से बढ़ाकर 25 बिलियन डॉलर करने के लिए तैयार है। दोनों देशों ने भारत में छोटे मॉड्यूलर (न्यूक्लियर) रिएक्टर विकसित करने के लिए भी सहमति व्यक्त की।
सैन्य सहयोग के लिए COMPACT ढांचा
भारत और अमेरिका ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए “COMPACT” (Catalysing Opportunities for Military Partnership, Accelerated Commerce & Technology) नामक एक नए फ्रेमवर्क की घोषणा की।
यह 21वीं सदी में सैन्य साझेदारी, वाणिज्य और तकनीकी सहयोग को गति देगा।
P-8I निगरानी विमान की खरीद पर सहमति
रक्षा सहयोग के तहत, भारत ने 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री गश्ती विमान खरीदने का निर्णय लिया है,
जिसका उपयोग भारतीय महासागर क्षेत्र की निगरानी के लिए किया जाएगा।
F-414 इंजन के सह-उत्पादन पर चर्चा
संयुक्त बयान में General Electric F-414 इंजनों के सह-उत्पादन का कोई उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि अमेरिका General Electric और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच इस समझौते के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहा है।
पारस्परिक रक्षा खरीद समझौते (RDP) पर दोबारा वार्ता
भारत और अमेरिका Reciprocal Defence Procurement (RDP) समझौते पर पुन: चर्चा करेंगे, जिससे दोनों देशों की सैन्य खरीद प्रणाली को आपस में जोड़ा जा सके।
इसके अलावा, अमेरिका अपने International Traffic in Arms Regulations (ITAR) नियमों की समीक्षा करेगा ताकि सैन्य तकनीक का हस्तांतरण सुगम हो सके।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी सहयोग
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जलमग्न क्षेत्र जागरूकता (Underwater Domain Awareness) के लिए उत्पादन और साझेदारी बढ़ाने की घोषणा की। यह “Autonomous Systems Industry Alliance” पहल के तहत किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और गहरी होने की उम्मीद है।
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