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केन्द्र सरकार की सोलर पंप योजना प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजना

 एक ऐसा समाधान है जो कि किसानों की बिजली संबंधित सभी जरूरतों को एक साथ पूरा कर सकती है।

 इसमें किसानों को सिर्फ 10 फीसदी अंशदान देकर अपने लिए अपनी जरूरत के अनुसार सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने का प्रबंध किया जा सकता है।

क्या है सोलर पंप योजना का उदेश्य?

भारत सरकार 3 उदेश्य के साथ सोलर पंप योजना पर काम कर रही है.
प्रदूषण पर नियंत्रण: 

वर्ष 2018 में ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट की रिसर्च के अनुसार भारत दुनिया में सबसे अधिक CO2 उत्पादित करने बाला तीसरा देश है| 

इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए

पहला चीन, दूसरा अमेरिका और तीसरा भारत है. भारत और फ्रांस ने मिलकर एक संगठन बनाया है जिसका नाम है इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) जिसमे रिन्यूएबल यानि अक्षय ऊर्जा पर ज्यादा फोकस किया गया है. 


भारत ने साल 2022 तक 175 गीगावॉट सौर ऊर्जा का लक्ष्य तय किया है, जिसमे 100 गीगावॉट सोलर पावर होगी।

डीजल की खपत में कमी: 

हमारे देश में जहां तक बिजली नहीं है वहां पर ज्यादातर सिचाई के लिए डीजल इंजन प्रोयोग में लाया जाता है और जहां बिजली है वहां कोयले से बनी बिजली का अधिक उपयोग किया जा रहा है। जिसके कारण प्रदूषण बढ़ रहा है|
किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य: 

सोलर पॉवर साल में पूरे 300 दिन प्राप्त की जा सकती है, पर सिचाई तो एक तय समय पर होती है. इसके लिए किसानो कों बिजली बेचकर पैसा कमाने का भी सुबिधा मिलती है


कुसुम योजना का लाभ

किसानों को सोर ऊर्जा यंत्र को लगाने के लिए सिर्फ़ 10% राशि का अग्रिम भुगतान करना होगा | केंद्रीय सरकार किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में सब्सिडी प्रदान करेगा तथा इससे किसानों को किसी भी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा | इस योजना से बंजर भूमि का उपयोग होगा |

कुसुम योजना की पात्रता

कुसुम योजना की पात्रता आवेदन करने वाला किसान होना चाहिए| आधार कार्ड का होना अनिवार्य है| आवेदन करने के लिए बैंक का अकाउंट नंबर भी होना चाहिए|

कुसुम योजना का उद्देश्य

किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम)। योजना के तहत 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा। कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी।

कुसुम योजना की मुख्य बातें

सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा। केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी। सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जायेंगे।

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