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भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति श्री एम. वेंकैया नायडू ने वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष श्री वुओंग दिन्ह ह्यू और वियतनाम के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों का स्वागत किया।

अंतरराष्ट्रीय वेसक दिवस समारोह

उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय वेसक दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए 2019 में वियतनाम की अपनी यात्रा को याद किया।

 श्री नायडू ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने वियतनाम के लोगों के दैनिक जीवन में बौद्ध धर्म के समृद्ध प्रभाव को देखा था, जिसने लोगों के जीवन जीने के तरीके को वास्तविक रूप में समृद्ध किया है और दो संस्कृतियों व समाजों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी के रूप में भी काम किया है।

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग 

 वियतनाम, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक महत्वपूर्ण आधार है और भारतीय-प्रशांत विजन के लिए एक प्रमुख भागीदार है। 

उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भारत-वियतनाम के द्विपक्षीय संबंधों ने राजनीतिक आदान-प्रदान से लेकर रक्षा साझेदारी, व्यापार, वाणिज्य व निवेश संबंधों, विकास सहयोग और सांस्कृतिक व लोगों के आपसी संबंधों तक के सहयोग के व्यापक क्षेत्रों में विविधता लाने का काम किया है।

दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग \

श्री नायडू ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए संबंधित संसदों में भारत-वियतनाम संसदीय मैत्री समूह अपना योगदान दे रहे हैं।


दिसंबर, 2016 में वियतनामी नेशनल असेंबली की तत्कालीन अध्यक्ष श्रीमती गुयेन थी किम नगन की यात्रा 

का उल्लेख करते हुए श्री नायडू ने इस बात को रेखांकित किया कि संसदीय सहयोग को मजबूत करने के लिए लोकसभा और वियतनामी नेशनल असेंबली के बीच एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

 भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी 

भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत आर्थिक सहयोग एक महत्वपूर्ण आधार रहा है। 

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे; औषध, तेल व गैस, खनिज, कृषि-प्रसंस्करण, आईटी और कृषि उत्पादों में बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में वियतनाम के साथ 

भारत की दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभदायक भागीदारी को रेखांकित करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल), वियतनाम की अपतटीय (ऑफशोर) ऊर्जा परियोजनाओं में तीन दशक से अधिक समय से कार्यरत है .

और मई, 2023 से आगे, जब ओवीएल और पेट्रो-वियतनाम (पीवीएन) के बीचमौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) समाप्त हो जाएगा, मौजूदा व्यवस्था के 15 साल के विस्तार की मांग करने के लिए उत्सुक है।

नायडू ने रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) शांति स्थापना जैसे क्षेत्रों में वियतनाम के साथ द्विपक्षीय भागीदारी को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

 भारत और वियतनाम, दोनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बतौर अस्थायी सदस्य एक साथ काम कर रहे हैं और महामारी के बाद की वैश्विक राजनीतिक व आर्थिक व्यवस्था को आकार देने में अपना योगदान दे रहे हैं।

 भारत के भारतीय प्रशांत महासागरीय पहल (आईपीओआई) और आसियान के आउटलुक ऑन इंडो-पैसिफिक (एओआईपी)

के बीच मजबूत सम्मिलन के अनुरूप भारत, वियतनाम के साथ मिलकर काम करना जारी रखना चाहता है।

कोविड-19 सहयोग पर

श्री नायडू ने कहा कि दिसंबर, 2020 में भारत और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के बीच संपन्न वर्चुअल शिखर सम्मेलन ने दोनों देशों को कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहभागिता करते हुए बहु-आयामी द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण को जारी रखने के लिए मार्गनिर्देशित किया था।

दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन से संबंधित उपकरणों की समय पर आपूर्ति

व महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में सहयोग करने के लिए वियतनाम की सरकार और लोगों का आभार व्यक्त किया।

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी को 40,000 फेस-मास्क

 इसके अलावा उन्होंने 2020 में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी को 40,000 फेस-मास्क देने के लिए नेशनल असेंबली को भी धन्यवाद दिया।

बौद्ध धर्म और चाम परंपराओं की अपनी साझा विरासत

के जरिए भारत और वियतनाम के साझा ऐतिहासिक और सभ्यतागत जुड़ावों को रेखांकित करते हुए श्री नायडू ने कहा कि दोनों देशों को अधिक पारस्परिक जागरूकता और सांस्कृतिक, पर्यटन तथा लोगों के बीच आपसी संबंध बनाने के लिए इसका लाभ उठाना चाहिए।

माई सन (मी-सन का उच्चारण) मंदिर परिसरके पुर्ननिर्माण 

श्री नायडू ने वियतनाम के सांस्कृतिक आश्चर्य- माई सन (मी-सन का उच्चारण) मंदिर परिसरके पुर्ननिर्माण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के योगदान को भी रेखाकिंत किया।

 राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ 

श्री नायडू ने 2022 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर दोनों संसदों को नई दिल्ली और हनोई में कुछ स्मरणीय संयुक्त कार्यक्रमों को आयोजित करने की योजना बनाने का का प्रस्ताव दिया।

श्री वुओंग दिन्ह ह्यू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों के बीच मैत्री संबंधों की सराहना की। इसके साथ उम्मीद व्यक्त की कि इस तरह की यात्रा मौजूदा संबंधों को और मजबूत करेगी।

 source pib 

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