प्रधानमंत्री संग्रहालय

 प्रधानमंत्री संग्रहालय

इस बिल्डिंग में 40 से अधिक गैलरियां हैं और लगभग 4 हज़ार लोगों के एक साथ भ्रमण की व्यवस्था है। वर्चुअल रियल्टी, रोबोट्स और दूसरी आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से तेज़ी से बदल रहे भारत की तस्वीर ये संग्रहालय दुनिया को दिखाएगा। ये टेक्नॉलॉजी के माध्यम से ऐसा अनुभव देगा जैसे हम वाकई उसी दौर में जी रहे हैं, उन्हीं प्रधानमंत्रियों के साथ सेल्फी ले रहे हैं, उनसे संवाद कर रहे हैं।


Logo 

 उस पर भी आप सबका जरूर ध्‍यान होगा। प्रधानमंत्री संग्रहालय का Logo कुछ इस तरह का है कि उसमें कोटि-कोटि भारतीयों के हाथ चक्र को थामे हुए हैं। ये चक्र, 24 घंटे निरंतरता का प्रतीक है, समृद्धि के संकल्प के लिए परिश्रम का प्रतीक है। यही वो प्रण है, यही तो वो चेतना है, यही वो ताकत है, जो आने वाले 25 वर्षों में भारत के विकास को परिभाषित करने वाली है। 

इस संग्रहालय में दो ब्लॉक हैं। पहला ब्लॉक तत्कालीन तीन मूर्ति भवन और ब्लॉक 2 नया भवन। दोनों ब्लॉकों का कुल क्षेत्रफल 15 हजार 600 वर्ग मीटर से अधिक है। संग्रहालय के भवन का डिजाइन उभरते भारत की कहानी से प्रेरित है। डिजाइन में दीर्घकालिक और ऊर्जा संरक्षण से जुड़ी तकनीक को भी शामिल किया गया है। इसके निर्माण के दौरान न तो किसी वृक्ष को काटा गया है और न ही प्रतिरोपित किया गया है।

Comments

Popular posts from this blog

Karnataka govt. unveils digital grievance portal for gig workers